Bhagavad Gītā · 3.1
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
अर्जुन उवाच ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️अर्जुन ने कहा—हे जनार्दन! यदि आपको कर्म की अपेक्षा ज्ञान श्रेष्ठ मान्य है तो फिर हे केशव! मुझे भयंकर कर्म में क्यों लगाते हैं? |
जीवन-पाठLife Lesson
🌱समाज और अपने कल्याण के लिए निःस्वार्थ भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही सच्चा यज्ञ है।