ॐ
DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 3.2
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धिं मोहयसीव मे तदेकं वद निश्चित्य येन श्रेयोऽहमाप्नुयाम्

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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आप मिले हुए-से वचनों से मेरी बुद्धि को मानो मोहित कर रहे हैं। इसलिए उस एक बात को निश्चित करके कहिये जिससे मैं कल्याण को प्राप्त हो जाऊँ|

जीवन-पाठLife Lesson
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समाज और अपने कल्याण के लिए निःस्वार्थ भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही सच्चा यज्ञ है।