Bhagavad Gītā · 2.71
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
विहाय कामान्यः सर्वान्पुमांश्चरति निःस्पृहः निर्ममो निरहङ्कारः स शान्तिमधिगच्छति
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️वही शान्ति को प्राप्त होता है अर्थात वह शान्ति को प्राप्त है |
जीवन-पाठLife Lesson
🌱परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।