Bhagavad Gītā · 2.69
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️सम्पूर्ण प्राणियों के लिये जो रात्रि के समान है, उस नित्य ज्ञानरूप परमआनन्द की प्राप्ति में स्थितप्रज्ञ योगी जागता है और जिस नाशवान सांसारिक सुख की प्राप्ति में सब प्राणी जागते हैं, परमात्मा के तत्त्व को जानने वाले मुनि के लिये वह रात्रि के समान है|
जीवन-पाठLife Lesson
🌱परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।