Bhagavad Gītā · 2.65
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
प्रसादे सर्वदुःखानां हानिरस्योपजायते प्रसन्नचेतसो ह्याशु बुद्धिः पर्यवतिष्ठते
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️मन की प्रसन्नता से सभी दुःखों का नाश हो जाता है। प्रसन्नचित्त मनुष्य की बुद्धि शीघ्र ही पूर्ण होती है|
जीवन-पाठLife Lesson
🌱परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।