ॐ
DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 2.54
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

अर्जुन उवाच स्थितप्रज्ञस्य का भाषा समाधिस्थस्य केशव स्थितधीः किं प्रभाषेत किमासीत व्रजेत किम्

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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अर्जुन ने कहा—हे केशव! समाधि में स्थित परमात्मा को प्राप्त हुए स्थिर बुद्धि पुरुष का क्या लक्षण है? अर्जुन ने कहा: कृष्ण, परमात्मा को प्राप्त हुए सिद्ध योगी की वह क्या पहचान है जो मन में स्थिर रहता है और समाधि में स्थित है? वह व्यक्ति कैसे बोलता है, कैसे बैठता है और कैसे चलता है?

जीवन-पाठLife Lesson
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परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।