DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 2.3
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ नैतत्त्वय्युपपद्यते क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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इसलिए हे अर्जुन! नपुंसकता को मत प्राप्त हो, तुझमें यह उचित नहीं जान पड़ती। हे परन्तप! हृदय की तुच्छ दुर्बलता को त्याग कर युद्ध के लिये खड़ा हो जा |

जीवन-पाठLife Lesson
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परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।