DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 2.14
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️

हे कुन्तीपुत्र ! सर्दी-गर्मी और सुख — दुःख को देने वाले इन्द्रिय और विषयों के संयोग तो उत्पत्ति, विनाशशील और अनित्य हैं; इसलिए हे भारत ! उनको तू सहन कर |

जीवन-पाठLife Lesson
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सुख और दुःख सर्दी-गर्मी की तरह आते-जाते रहते हैं; उन्हें समभाव और धैर्य से सहन करना सीखें।