DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
← Home/Chapter 2/Verse 13
Bhagavad Gītā · 2.13
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा तथा देहान्तरप्राप्तिर्धीरस्तत्र न मुह्यति

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️

जैसे जीवात्मा की इस देह में बालकपन, जवानी और वृद्धावस्था होती है, वैसे ही अन्य शरीर की प्राप्ति होती है; उस विषय में धीरो पुरुष मोहित नहीं होता |

जीवन-पाठLife Lesson
🌱

परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।