Bhagavad Gītā · 2.1
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
सञ्जय उवाच तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम् विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️सज्जय ने कहा—उस प्रकार करुणा से व्याप्त और आँसुओं से पूर्ण तथा व्याकुल नेत्रों वाले शोकयुक्त उस अर्जुन के प्रति भगवान् मधुसूदन ने यह वचन कहा|
जीवन-पाठLife Lesson
🌱परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।