DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 1.36
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

निहत्य धार्तराष्ट्रान्नः का प्रीतिः स्याज्जनार्दन पापमेवाश्रयेदस्मान्हत्वैतानाततायिनः

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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हे जनार्दन! धृतराष्ट्र के पुत्रों को मारकर हमें क्या प्रसन्नता होगी? इन आततायियों को मारकर तो हमें पाप ही लगेगा|

जीवन-पाठLife Lesson
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कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।