DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 1.37
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

तस्मान्नार्हा वयं हन्तुं धार्तराष्ट्रान्स्वबान्धवान् स्वजनं हि कथं हत्वा सुखिनः स्याम माधव

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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अतएव हे माधव! अपने ही बान्धव धृतराष्ट्र के पुत्रों को मारने के लिये हम योग्य नहीं हैं; क्योंकि अपने ही कुटुम्ब को मारकर हम कैसे सुखी होंगे?|

जीवन-पाठLife Lesson
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कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।