Bhagavad Gītā · 1.34
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
आचार्याः पितरः पुत्रास्तथैव च पितामहाः मातुलाः श्वशुराः पौत्राः श्यालाः सम्बन्धिनस्तथा
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️गुरुजन, ताऊ-चाचा, लड़के और उसी प्रकार दादा, मामा, ससुर, पौत्र, साले तथा और भी सम्बन्धी लोग हैं|
जीवन-पाठLife Lesson
🌱कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।