Bhagavad Gītā · 1.29
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति वेपथुश्च शरीरे मे रोमहर्षश्च जायते
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️मेरा मुख सूखा जा रहा है तथा मेरे शरीर में कंप एवं रोमांच हो रहा है।
जीवन-पाठLife Lesson
🌱कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।