DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 1.19
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

स घोषो धार्तराष्ट्राणां हृदयानि व्यदारयत् नभश्च पृथिवीं चैव तुमुलोऽभ्यनुनादयन् (or लोव्यनु)

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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और उस भयानक शब्द ने आकाश और पृथ्वी को भी गूँजाते हुए धार्तराष्ट्रों के यानी आपके पक्ष वालों के हृदय विदीर्ण कर दिये |

जीवन-पाठLife Lesson
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कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।