Bhagavad Gītā · 2.37
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम् तस्मादुत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चयः
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️या तो तू युद्ध में मारा जाकर स्वर्ग को प्राप्त होगा अथवा संग्राम में जीतकर पृथ्वी का राज्य भोगेगा। इस कारण हे अर्जुन! तू युद्ध के लिये निश्चय करके खड़ा हो जा|
जीवन-पाठLife Lesson
🌱परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।