ॐ
DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 2.34
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

अकीर्तिं चापि भूतानि कथयिष्यन्ति तेऽव्ययाम् सम्भावितस्य चाकीर्तिर्मरणादतिरिच्यते

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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तथा सब लोग तेरी बहुत काल तक रहने वाली अपकीर्ति का भी कथन करेंगे और माननीय पुरुष के लिये अपकीर्ति मरण से भी बढ़कर है |

जीवन-पाठLife Lesson
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परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।