DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 2.24
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

अच्छेद्योऽयमदाह्योऽयमक्लेद्योऽशोष्य एव च नित्यः सर्वगतः स्थाणुरचलोऽयं सनातनः

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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क्योंकि यह आत्मा अछेद्य है, यह आत्मा अदाह्य, अक्लेद्य और नि:सन्देह अशोष्य है तथा यह आत्मा नित्य, सर्वव्यापी, अचल, स्थिर रहनेवाला और सनातन है|

जीवन-पाठLife Lesson
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परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।