Bhagavad Gītā · 2.20
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणोन हन्यते हन्यमाने शरीरे
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️यह आत्मा किसी काल में भी न तो जन्मता है और न मरता ही है तथा न यह उत्पन्न होकर फिर होने वाला ही है; क्योंकि यह अजन्मा, नित्य, सनातन और पुरातन है, शरीर के मारे जाने पर भी यह नहीं मारा जाता|
जीवन-पाठLife Lesson
🌱आत्मा अमर और अविनाशी है। शरीर के परिवर्तन से अपनी आंतरिक शक्ति और शांति को विचलित न होने दें।