Bhagavad Gītā · 2.18
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
अन्तवन्त इमे देहा नित्यस्योक्ताः शरीरिणः अनाशिनोऽप्रमेयस्य तस्माद्युध्यस्व भारत
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️इस नाशरहित, अप्रमेय, नित्यस्वरूप जीवात्मा के सब शरीर नाशवानु कहे गये हैं। इसलिए हे भरतवंशी अर्जुन! तू युद्ध कर।
जीवन-पाठLife Lesson
🌱परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।