DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 2.17
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम् विनाशमव्ययस्यास्य न कश्चित्कर्तुमर्हति

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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नाशरहित तो तू उसको जान, जिससे यह सम्पूर्ण जगत्-दृश्य वर्ग व्याप्त है। इस अविनाशी का विनाश करने में कोई भी समर्थ नहीं है |

जीवन-पाठLife Lesson
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परिणामों की चिंता किए बिना समत्व बुद्धि से किया गया कर्म ही जीवन में संतुलन और मुक्ति लाता है।