DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
← Home/Chapter 1/Verse 42
Bhagavad Gītā · 1.42
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

सङ्करो नरकायैव कुलघ्नानां कुलस्य च पतन्ति पितरो ह्येषां लुप्तपिण्डोदकक्रियाः

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️

वर्णसंकर कुलघातियों को और कुल को नरक में ले जाने के लिये ही होता है। लुप्त हुई पिण्ड और जल की क्रिया वाले अर्थात् श्रद्धा और तर्पण से वंचित इनके पितर लोग भी अधोगति को प्राप्त होते हैं |

जीवन-पाठLife Lesson
🌱

कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।