DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
← Home/Chapter 1/Verse 31
Bhagavad Gītā · 1.31
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️

हे केशव! मैं लक्ष्णों को भी विपरीत ही देख रहा हूँ तथा युद्ध में स्वजन-समुदाय को मारकर कल्याण भी नहीं देखता |

जीवन-पाठLife Lesson
🌱

कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।