Bhagavad Gītā · 1.21
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
अर्जुन उवाच सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️तब हे पृथिवीपति (कृष्ण), हृषीकेश (कृष्ण) ने कहा, हे अच्युत, सेनाओं के मध्य में मेरा रथ स्थापित करो। और जब तक कि मैं युद्ध क्षेत्र में डटे हुए युद्ध के अभिलाषी इन विपक्षी योद्धाओं को भली प्रकार देख लूँ कि इस युद्ध रूप व्यापार में मुझे किन-किन के साथ युद्ध करना योग्य है, तब तक उसे खड़ा रखिये |
जीवन-पाठLife Lesson
🌱कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।