DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
← Home/Chapter 1/Verse 17
Bhagavad Gītā · 1.17
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

काश्यश्च परमेष्वासः शिखण्डी च महारथः धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजितः

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️

श्रेष्ठ धनुष वाले काशिराज और महारथी शिखण्डी एवं धृष्टद्युम्न तथा राजा विराट और अजेय सात्यकि,

जीवन-पाठLife Lesson
🌱

कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।