DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 1.11
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिताः भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्तः सर्व एव हि

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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इसलिए सब मोर्चों पर अपनी-अपनी जगह स्थित रहते हुए आप लोग सभी निःसन्देह भीष्म पितामह की ही सब ओर से रक्षा करें |

जीवन-पाठLife Lesson
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कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।