Bhagavad Gītā · 1.8
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️आप—द्रोणाचार्य और पितामह भीष्म तथा कर्ण और संग्राम विजयी कृपाचार्य तथा वैसे ही अश्वत्थामा, विकर्ण और सौमदत पुत्र भूरिश्रवा |
जीवन-पाठLife Lesson
🌱कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।