Bhagavad Gītā · 1.5
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
धृष्टकेतुश्चेकितानः काशिराजश्च वीर्यवान् पुरुजित्कुन्तिभोजश्च शैब्यश्च नरपुंगवः
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️धृष्टकेतु, चेकितान, बलवान काशिराज, पुरुजित्, कुन्तिभोज और मनुष्यों में श्रेष्ठ शैब्य।
जीवन-पाठLife Lesson
🌱कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।