Bhagavad Gītā · 1.2
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥
सञ्जय उवाच दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा आचार्यमुपसंगम्य राजा वचनमब्रवीत्
arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
🗣️संजय ने कहा—उस समय राजा दुर्योधन ने व्यूह रचनायुक्त पाण्डवों की सेना को देखकर और द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन कहा।
जीवन-पाठLife Lesson
🌱कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।