DAILY GITA
श्रीमदभगवद्‌गीता यथारूप
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Bhagavad Gītā · 1.15
☸️Karma Yoga
॥ श्लोक ॥

पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनञ्जयः पौण्ड्रं दध्मौ महाशङ्खं भीमकर्मा वृकोदरः

arth & jeevan-path
हिन्दी अर्थMeaning
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श्रीकृष्ण महाराज ने पाञ्जन्य नामक, अर्जुन ने देवदत्त नामक और भयानक कर्म वाले भीमसेन ने पौण्ड्र नामक महाशंख बजाया |

जीवन-पाठLife Lesson
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कठिन परिस्थितियों और भावनात्मक द्वंद्व में घबराने के बजाय अपने नैतिक कर्तव्य और सत्य को पहचानना आवश्यक है।